जो बालक गूंगे हैं, हकलाते हैं, बार-बार परीक्षा में फेल हो जाते हैं, जिनका मन पढ़ाई में नहीं लगता, उन्हें रविवार सेे निम्नलिखित मंत्र से 21 बार अभिमंत्रित कर जल पिलाएं । जो बालक जप कर सकते हों, वे इस मंत्र का प्रतिदिन एक माला जप करें। यह बहुत ही चमत्कारिक उपाय है।
मंत्र: ओम ऐं वाण्यै स्वाहा।
![]() |
| परीक्षा में सफल होने के लिए अचूक टोटके |
रात्रि को सोते समय पूर्व द्यिा की तरफ सिरहाना रखें। ्युभ मुहूर्त में 5 रत्ती का मोती तथा 5 रत्ती का पुखराज क्रम्यः अनामिका और तर्जनी में धारण करें। मोती चांदी तथा पुखराज सोने की अंगूठी में धारण करें। श्री हनुमान जी का बजरंग बाण प्रतिदिन पाठ करें। परीक्षा में जाने से पूर्व भी भगवान हनुमान जी का पूजन, स्मरण और बजरंग बाण का पाठ कर के जाएं। सफलता निष्चित है।
्युक्ल पक्ष के प्रथम मंगलवार को हनुमान जी के मंदिर में एक झंडा चढ़ाएं। उसपर रोली या कुमकुम से लिखें: बल बुद्धि विद्या देहु मोहि, हरहु कलेस विकार। हनुमान चालीसा का पाठ नियमित करें। एक कटोरी जल में 5-7 दानें क्यिम्यि के डाल लें। ओम हनुमते नमः का एक माला जप रोज करें। ऐसा 20 दिन करें। जप के बाद जल पी लें और क्यिम्यि खा लें। लाभ प्राप्त होने लगेगा।
जो बच्चा पढ़ाई से जी चुराता हो, उसे 5 रत्ती का ओनेक्स, चांदी में, दायें हाथ की अनामिका में, ्युक्ल पक्ष में पहनाएं। बायें हाथ की अनामिका में भी तांबे का एक छल्ला पहनाएं। पूर्व की तरफ सिरहाना रखवाएं। 10-15 दिन में एक बार उसे थोड़े से गौ मूत्र मिले जल से नहलाएं।
सरस्वती यंत्र का ्युद्ध जल से अभिषेक करके गंध, पुष्प, धूप, दीप से पूजन करके ्युक्ल पक्ष में बृहस्पतिवार अथवा पंचमी, द्यमी या पूर्णिमा को अपने घर में सुबह के समय स्थापित करें तथा 41 दिन तक निम्न मंत्र का नित्य एक माला जप करें।
मंत्र: ओम ऐं महासरस्वत्यै नमः
जब परीक्षाएं हो रही हों, तो बच्चों को नियमित दही दिया करें। केवल उसके समय में परिवर्तन करने चाहिए। इसमें ध्यान केवल इतना रखना है कि अगर एक दिन सुबह 8 बजे दही दिया जाए तो उसके अगले दिन 9 बजे दें, उसके अगले दिन 10 बजे दें। इस क्रिया को दोहराते रहें तथा हर रोज एक घंटा बढ़ाते रहें, तो परमात्मा हर हाल में सहायता करेगा। यदि हो सके, तो दही मीठा दें।
बाजार से भांग की पत्ती खरीद कर लाएं। उसे पीस कर पानी में छान लें। उस घोल में थोड़ी चीनी मिलाएं तथा परीक्षा देने जाने से पहले ्ियव जी के मंदिर में जा कर इस घोल को ्ियव जी पर चढ़ाएं। ऐसा नियमित तब तक करें, जब तक सारी परीक्षाएं खत्म नहीं हो जातीं।
सावधानी: भांग में काली मिर्च नहीं होनी चाहिए तथा भांग चढ़ाने के बाद स्वयं ्ियव जी पर जल नहीं चढ़ाएं। नियम नहीं टूटे इसके लिए विद्यार्थियों के माता-पिता, भाई-बहन भांग चढ़ा सकते हैं।
जो लोग मेहनत नहीं करना चाहते, पढ़ना नहीं चाहते और पास होना चाहते हैं, वे इस प्रयोग को कदापि न करें। यह प्रयोग उनके लिए है, जो कठिन परिश्रम करने पर भी परीक्षा में फेल हो जाते हैं और भाग्य को कोसने लगते हैं। ऐसे लोगों को थोड़ा दही नियमित खाना चाहिए।
छात्र यदि निम्न उपाय करेंगे तो अवष्य ही सफलता उनके कदम चूमेगी। परीक्षा से एक महीने पूर्व प्रातः बुधवार को नित्यक्रिया से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र पहनें। पास में जहां भी गणपति या सरस्वती का मंदिर हो वहां गुलाब की अगरबत्ती, धूप-दीप जलाएं, पूर्व मुख बैठंे और मूंगे की माला पर निम्न मंत्र का जाप पांच माला करें:
मंत्र: ऊँ एकदंत महाबुद्धिः सर्व सौभाग्यदायकः सर्व सिद्धिकरौ देवा, गौरीपुत्र विनायकः।
परीक्षा में उत्तीर्ण होने तक नियम से करें। जिस समय प्रष्नपत्र करने बैठें,
5 बार इस मंत्र का उच्चारण कर लें। परीक्षा में निष्चित ही अच्छे अंकों से सफलता प्राप्त होगी।

No comments:
Post a Comment